--> लोमड़ी-गीदड़ की शादी, कस्तूरी मृग की सचाई, और ‘सत्तर साल’ का भूत इस लेख का छोटा version द वायर हिंदी में छपा है. सत्तर साल का कांग्रेस शाशन और उसमें कुछ भी अच्छा ना होना एक ऐसा सच बन गया है जैसे हल्की धूप में इंद्रधनुष निकलने पर गीदड़ और लोमड़ी की शादी के होने का सच. और लोग उस कस्तूरी मृग की तरह इस दावे के पीछे इंद्रधनुष के अंत की ओर भाग रहे हैं जो ख़ुद अपने ही नाभि से आती हुवी सुगंध के स्रोत को नहीं जान पाता. आप अपने खुद के कस्तूरी-विवेक को भूल कर बैठ गए हैं. आपकी सच्चाई आपके अन्दर ही है, लेकिन दूसरे के झूठ को सच मान लेने की तृष्णा आपको घर कर गयी है. उदाहरण स्वरूप, भाजपा हमेशा से ये कहती आयी है कि अगर जम्मू-कश्मीर में उनका शाशन होता तोह वो ‘कश्मीर का मुद्दा’ कबका सुलझा देते. मुद्दा है भी क्या, ये बात फिर कभी बाद में करेंगे. साथ में, ये भी दावा रहता है कि अगर केंद्र में वो रहते तो सब कुछ थोक-पीट कर अब तक शांत कर दिए होते. ठीक है, थोड़ा निरक्षण करिये इस दावे का. सत्तर साल के भूत ने आपके जहन से ये मिटा दिया है कि कुल मिलाकर दस साल से ज़्यादा अब आपकी भी ल...
Views on politics, society, culture, history.